कोलकाता, 7 नवम्बर 2026: पश्चिम बंगाल की पुलिस व्यवस्था को अधिक सुदृढ़, सक्षम और आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण पहल के तहत मुख्यमंत्री सुवेन्दु अधिकारी ने शनिवार को कोलकाता पुलिस मुख्यालय लालबाजार में आयोजित एक समारोह में नव नियुक्त 309 उपनिरीक्षकों (सब-इंस्पेक्टरों) को नियुक्ति-पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को कर्तव्यनिष्ठा, निर्भीकता, निष्पक्षता और सर्वोच्च व्यावसायिक मर्यादा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया। उन्होंने विशेष रूप से महिला सुरक्षा, मादक पदार्थों की तस्करी पर कठोर अंकुश तथा आपराधिक गतिविधियों के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई करने पर बल दिया। साथ ही उन्होंने आश्वस्त किया कि विधिसम्मत कर्तव्यपालन के दौरान पुलिसकर्मियों को किसी भी प्रकार के अनुचित राजनीतिक अथवा प्रशासनिक हस्तक्षेप का सामना नहीं करना पड़ेगा और सरकार उन्हें पूर्ण संस्थागत संरक्षण प्रदान करेगी।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि नव नियुक्त 309 उपनिरीक्षकों में से 303 के आवश्यक सत्यापन एवं नियुक्ति संबंधी औपचारिकताएँ पूरी कर ली गई हैं। सरकार की पूर्ववर्ती नियुक्ति पहलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि महालया के अगले दिन नेताजी इंडोर स्टेडियम में लगभग 11 हजार नव नियुक्त पुलिस आरक्षकों को नियुक्ति-पत्र प्रदान किए गए थे, जिनमें 3 हजार से अधिक महिला अभ्यर्थी शामिल थीं। इसके अतिरिक्त, लोक सेवा आयोग के माध्यम से 150 से अधिक सहकारिता निरीक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया भी पूर्ण की गई है।
पुलिस प्रशासन को स्पष्ट एवं कठोर निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने अवैध मादक पदार्थों के कारोबार, नशीले पदार्थों की तस्करी तथा अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के विरुद्ध व्यापक और कठोर अभियान चलाने का आह्वान किया। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि किसी पुलिस अधिकारी को अपने कर्तव्यों के निर्वहन के दौरान राजनीतिक अथवा प्रशासनिक दबाव का सामना करना पड़े, तो वे सीधे उनसे संपर्क कर सकते हैं। ऐसी परिस्थिति में वे स्वयं पुलिसकर्मियों के साथ खड़े होंगे और उन्हें आवश्यक संरक्षण उपलब्ध कराएँगे।
महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकताओं में सम्मिलित करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि महिलाओं के विरुद्ध अपराध, छेड़छाड़, उत्पीड़न अथवा किसी भी प्रकार की प्रताड़ना की शिकायत प्राप्त होते ही पुलिस त्वरित कार्रवाई करे। उन्होंने शीघ्र जाँच, प्रभावी कानूनी कार्यवाही और उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। साथ ही कहा कि विधि एवं निर्धारित सेवा-नियमों के अनुरूप अपने दायित्वों का निर्वहन करने वाले पुलिस अधिकारियों को सरकार की ओर से आवश्यक कानूनी संरक्षण प्राप्त होगा।
पिछले छह महीनों में सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस के आधारभूत ढाँचे के आधुनिकीकरण, पुलिसकर्मियों की आर्थिक सुरक्षा तथा व्यावसायिक प्रशिक्षण की गुणवत्ता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसी क्रम में उन्नत प्रशिक्षण, कौशल विकास और कार्यक्षमता संवर्धन के उद्देश्य से गुजरात स्थित राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय तथा असम के विशिष्ट पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
राज्य में पुलिस बल की उपलब्धता के आँकड़े प्रस्तुत करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर प्रति एक लाख जनसंख्या पर औसतन लगभग 155 पुलिसकर्मी उपलब्ध हैं, जबकि पश्चिम बंगाल में यह संख्या मात्र 105 है। उन्होंने कहा कि राज्य में स्वीकृत पुलिस पदों की लगभग 46 हजार रिक्तियों पर नियुक्ति की प्रक्रिया पूर्ववर्ती अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) संबंधी कानून को लेकर न्यायिक विवादों के कारण बाधित हुई थी। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस गतिरोध को दूर करने के लिए वर्तमान सरकार ने राज्य विधानसभा में एक विशेष विधेयक प्रस्तुत करने सहित आवश्यक कदम उठाने की पहल की है।
अपने संबोधन के समापन पर मुख्यमंत्री ने नव नियुक्त उपनिरीक्षकों से साहस, अनुशासन, निष्पक्षता और अटूट कर्तव्यनिष्ठा के साथ जनसेवा करने का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, सार्वजनिक व्यवस्था एवं शांति बनाए रखना तथा अपराधियों को कानून के कठघरे तक पहुँचाना पुलिस बल की सर्वोपरि जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि नव नियुक्त अधिकारी अपनी निष्ठा, दक्षता और समर्पण से राज्य की कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावशाली बनाने में महत्त्वपूर्ण योगदान देंगे।

